home page

ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से धान खरीद व्यवस्था ध्वस्त, किसानों के नहीं जारी हो रहे टोकन

 | 
ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से धान खरीद व्यवस्था ध्वस्त, किसानों के नहीं जारी हो रहे टोकन

बछरावां रायबरेली-- जहां एक तरफ सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रयास कर रही है वहीं दूसरी तरफ धान खरीद प्रणाली में गत एक सप्ताह से ऑनलाइन टोकन व्यवस्था जारी होने के बाद से धान खरीद प्रणाली धरातल पर पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑनलाइन टोकन सुबह 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक जारी किए जाते हैं। किसानों ने किसी तरह दौड़-धूप कर अपना पंजीकरण कराया सत्यापित कराने के लिए तहसील की गणेश परिक्रमा की तब जाकर सत्यापित हुआ। वहीं अब अपने धान को बेचने के लिए साइबर कैफे के चक्कर लगा रहे हैं। साइबर कैफे वालों के अनुसार सुबह 10:00 बजे से 10:04 तक साइट ही नहीं खुलती है जैसे ही साइट 10:05 पर ओपन होती है वैसे ही बछरावां क्षेत्र के सभी खरीद सेंटरों पर शून्य लिमिट दिखाई पड़ती है। इस व्यवस्था से किसान बहुत परेशान है। यहां तक साइबर कैफे के चक्कर लगाने के बाद अब कह रहे अब दोबारा यह बौनी मंसूरी धान नहीं लगाएंगे। इससे अच्छा तो मोती धान है जो कम से कम सही कीमत पर बिक हो जाता है। ऑनलाइन टोकन व्यवस्था में अगर टोकन जारी भी हो जाता है तो धान खरीद सेंटर पर जाने पर पता चलता है कि ऑनलाइन बोरिया नहीं है बोरी ना होने के कारण धान खरीद तब भी ना हो पाती है बड़ी विषम परिस्थितियां हैं किसानों के सामने धान बेचना अफीम बेचने के समान हो गया है। वही संवाददाता ने जब इस संबंध में डिप्टी आरएमओ रामानंद जायसवाल से बात की उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था के विरोध में खाद्य एवं रसद विभाग के ऑपरेटर दो दिनों से हड़ताल पर हैं और हम लोगों ने खाद्य एवं रसद विभाग के उच्चाधिकारियों से कई बार पत्राचार किया है कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था द्वारा धान खरीद संभव नहीं है ऑफलाइन द्वारा ही धान खरीद की जा सकती है लेकिन उच्चाधिकारी नहीं मान रहे हैं जिसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है।


असगर अली पत्रकार बछरावां रायबरेली