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कुंडा में क्यों पूजे जाते हैं राजा भैया,जाने इसके बारे में

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कुंडा में क्यों पूजे जाते हैं राजा भैया,जाने इसके बारे में

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में कुंडा और रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया का नाम देश के लगभग सभी जानते हैं।राजा भइया वो नाम है जो गरीबों,असहायों की मदद करने के लिए जाता है।राजा भइया पिछले कई वर्षों से कुंडा से निर्दलीय विधायक रहकर ऐसे लोगों की मदद करते आ रहे है।

राजा भइया का राजनेता के अलावा एक व्यक्तित्व और भी है।राजा भइया व्यक्तिगत तौर पर हर वर्ष सैकड़ों कन्याओं का विवाह करवाते हैं।राजा भइया को इस सामाजिक कार्य को करते हुए बीस वर्ष से भी अधिक समय हो गया है और इस कार्य मे किसी भी प्रकार की सरकारी सहायता नही ली जाती है।राजा भइया और इनके समर्थक मिलकर ये काम इतने वर्षों से लगातार करते आ रहे हैं।विवाह का आयोजन भी ऐसा होता है कि कन्याओं के माता पिता कहते हैं कि अगर हम अपनी बेटी का विवाह खुद करते तब भी इतनी भव्यता से शायद नही कर पाते।
विवाह के आयोजन की भव्यता किसी बड़े मेले से कम नही होती।हर दूल्हे की बारात घोड़ी चढ़ने  के साथ साथ प्रत्येक कन्या को सम्पूर्ण उपहारों व पूरे क्षेत्र को भोज आदि कराकर कन्या की विदाई की जाती है।विवाह के पश्चात भी नव विवाहित दम्पति को किसी तरह की पारिवारिक समस्या आती है तो उसका निस्तारण भी राजा भइया द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर त्वरित किया जाता है।इसके अलावा देवराहा बाबा की स्मृति में भी राजा भइया द्वारा प्रतिवर्ष क्षेत्र के हजारों लोगों के ऑखों का इलाज आदि की व्यवस्था निजी खर्चे व सहयोगियों के साथ मिलकर की जाती है।हजारों बुजुर्गों की सर्जरी होती है एवम देवराहा बाबा की ये कृपा मानी जाती है जिसके फलस्वरूप सभी मरीजो की सर्जरी पूर्णरूप से सफल होती हैं ।

बड़ा सवाल ये है कि बिना किसी सरकारी सहयोग के एक व्यक्ति इतने वर्षों से समाज व प्रदेश की सेवा किस तरह कर सकता है अन्य लोगो के लिए ये बहूत ही प्रेरणीय कार्य है।जिसकी जानकारी आम जनमानस को भी होनी आवश्यक है।राजा भइया की अगर प्रतापगढ़ में जाकर वास्तविक रूप से देखा जाए तो वहा की जनता रघुराज प्रताप सिंह को एक नेता के रूप में नही राजा भइया, महाराज, श्रीमंत सरकार के रूप में स्वीकार करती है।लोगों के मन मे आदर भाव इतना कि यदि जनता दरबार मे भीड़ हो तो लोग जहाँ खड़े हैं वही की धरती को स्पर्श कर राजा भैया के चरण वंदन करते हैं ।
 ये सब जानकर देखकर ये कहने में कतई भी कौताही नही बरती जा सकती कि राजा भइया मानवता व धर्म के प्रति पूर्णरूप से समर्पित हैं।

असगर अली पत्रकार