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इफको किसान केंद्र व समितियों से डीएपी नदारद किसानों में मचा हड़कंप

इफको किसान केंद्र व समितियों से डीएपी नदारद किसानों में मचा हड़कंप
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रायबरेली समाचार
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इफको किसान केंद्र व समितियों से डीएपी नदारद किसानों में मचा हड़कंप


बछरावां रायबरेली -- जहां एक तरफ सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का दावा कर रही है। वहीं दूसरी तरफ गेहूं की बुवाई के उत्तम समय में जब किसानों को डीएपी की सख्त जरूरत है तब इफको किसान केंद्र व सहकारी समितियों से डीएपी खाद पूरी तरह नदारद है। किसानों को डीएपी की जगह कहीं-कहीं एनपीके मुहैया कराई जा रही है वह भी डीएपी खाद से महंगी है।जबकि पिछले दशकों का रिकॉर्ड है डीएपी खाद से 200 रूपए कम मूल्य पर एनपीके हमेशा उपलब्ध कराई जाती थी। किसानों की आय दोगुनी नहीं आधी करने में सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। अगर समय रहते डीएपी किसानों को उपलब्ध नहीं कराई गई तो गेहूं की पैदावार पर इसका फर्क आगे आने वाले समय में दिखाई पड़ेगा। अभी सरकार खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को केवल चावल देकर अपना पीछा छुड़ा रही है। वही आने वाले समय में भी केवल चावल ही पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को मिल पाएगा। आगे आने वाले समय में गेहूं फिर नहीं मिल पाएगा लोग भुखमरी के शिकार भी हो सकते हैं। जिले के आला अधिकारी और कृषि विभाग के अधिकारी सहित वर्तमान सत्तासीन सरकार के जनप्रतिनिधि भी किसानों की इस भीषण समस्या को जानकर भी मूक बधिर बने हुए हैं। समस्या का निजात होता नहीं दिखाई पड़ रहा है केवल इफको किसान केंद्र व समितियों पर केंद्र संचालकों द्वारा यही बताया जाता है सरकार द्वारा खाद मिलने पर ही खाद वितरित की जाएगी। वहीं दूसरी तरफ सरकार के कबीना कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही धरातल पर न देखकर राजधानी में ही बैठकर मीडिया को बता रहे हैं किसी भी जनपद में खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी जबकि उनका यह बयान एक सप्ताह पूर्व दिया गया था लेकिन उनका यह बयान धरातल पर हवा हवाई साबित हो रहा है। किसानों को समय पर खाद न मिल पाना योगी सरकार की साख पर बट्टा लगा रहा है। इसको लेकर किसानों में जबरदस्त आक्रोश है जिसका परिणाम आगामी लोकसभा चुनाव में भी दिखाई पड़ सकता है अगर खाद नहीं मिली पैदावार सही नहीं मिली तो कैसे चलेंगे किसानों के परिवार यह तो आने आगे आने वाला समय ही बताएगा।

असगर अली पत्रकार बछरावां रायबरेली