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शैक्षिक क्रांति और नारी मुक्ति ऑदोलन की महानायिका थीं सावित्रीबाई फूले

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शैक्षिक क्रांति और नारी मुक्ति ऑदोलन की महानायिका थीं सावित्रीबाई फूले

 नारी सशक्तिकरण ऑदोलन में माता फातिमा शेख ने सावित्रीबाई फूले को ऐतिहासिक सहयोग दिया। अध्ययन से लेकर अध्यापन तथा अनेक विद्यालयों की स्थापना में क्रांतिकारी भूमिका निभाई फातिमा शेख ने। बहुजन समाज की ध्वजवाहक,सत्य शोधक समाज की संस्थापक,मानवता की प्रचारक,महिलाओं में शिक्षा की अलख जगाने वाली,सामाजिक व शैक्षिक क्रांति की अग्रदूत,प्रथम शिक्षिका ने मानव मूल्यों की पहचान करायी। "दर्द सबके एक हैं,मगर हौसले सबके अलग अलग हैं। कोई हताश होके बिखर गया तो कोई संघर्ष करके निखर गया। "ब्रिटिश सरकार ने शैक्षिक क्रांति में फूले दम्पत्ति के सराहनीय योगदान को देखते हुए उन्हें 16नवम्बर 1852 को साल भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने शोषण-उत्पीड़न के खिलाफ आवाज बुलंद की। उपेक्षितों को उनका हक अधिकार दिलाया। माता सावित्रीबाई फूले ने कहा था कि अकेले शिक्षा के अभाव के प्रभाव से बहुजन समाज की दुर्दशा हुयी है।उन्होंने विधवा ब्राह्मणी काशीबाई जो गर्भवती होने के फलस्वरूप आत्महत्या करने जा रही थी को बचाकर उसके बच्चे यशवंतराव को गोद लिया और शिक्षित कर डाक्टर बनाया और उसका विवाह अंतर्जातीय कराया।"उक्त विचार माता सावित्रीबाई फूले की 191वें एवं करूणा मूर्ति फातिमा शेख के 190वें जन्मोत्सव पर डाॅ.अम्बेडकर राष्ट्रीय एकता मंच मकार्थीगंज बड़गांव में मास के राष्ट्रीय संगठक ए.के.नंद ने व्यक्त किया। मंच के जिलाध्यक्ष हनुमान प्रसाद ने कहा कि माता सावित्रीबाई फूले एवं फातिमा शेख के विचारों को जन-जन तक प्रचारित करने की नितांत आवश्यकता है। परवेज सलमानी ने कहा कि हमे अपने जीवन को सार्थक बनाने के लिए सावित्रीबाई और फातिमा शेख की कुर्बानी को निरर्थक नहीं जाने देना है। उनकी शिक्षाओं की प्रासंगिकता आज और भी महत्वपूर्ण हो गयी है। विनोद कुमार ने कहा माता सावित्रीबाई और फातिमा शेख के त्याग और वलिदान के फलस्वरूप हम सब आज शिक्षा की रोशनी सराबोर हैं। मो.वसीम पत्रकार ने कहा कि शिक्षा के बिना मानव पशु के समान है और इस शिक्षा की महत्ता हमे हमारे महापुरूषों से मिली है। सफीउल्ला ने कहा कि समाज और राष्ट्र का उत्थान तभी सम्भव होगा जब हम सबकी तालीम वैज्ञानिक और संवैधानिक हो। जिसकी जरूरत और आवश्यकता माता सावित्रीबाई फूले और महाकारूणिक माता फातिमा शेख ने अहसास करायी है। कार्यक्रम में कंचन गुप्ता,पीए सलमानी,वीके पासवान,छेद्दन,अवधेश कुमार श्रीवास्तव,माला धीमान,निशा बौद्ध,राम चरन कुरील,हरीराम सोनकर,सुरेन्द्र वर्मा,हजारी प्रसाद कन्नौजिया,हरिप्रसाद स्वामी प्रसाद,राजकिशोर,बीपी बौद्ध धर्म प्रकाश विजय कुमार,बरसाती आदि ने सहभाग किया।

काशीराम मौर्य जिला संवाददाता INF मीडिया गोंडा