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सपा के पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह की बढ़ी मुश्किलें

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सपा के पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह की बढ़ी मुश्किलें

समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी और झांसी की गरौठा सीट से दो बार विधायक रह चुके सपा नेता दीपनारायण सिंह यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व विधायक दीपनारायण के खिलाफ यूपी सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने अफआईआर दर्ज कराई है |

पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह पर आरोप है कि उन्होंने विधायक रहते हुए काली कमाई अर्जित की थी। दीपनारायण सपा से दो बार विधायक और मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। यूपी विजिलेंस झांसी यूनिट के इंस्पेक्टर शंभु तिवारी के मुताबिक, दीप नारायण सिंह यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच चल रही थी। गरौठा से विधायक रहे दीपनारायण सिंह यादव के खिलाफ वर्ष 2006 से 2016 के बीच खनन के जरिए अवैध संपत्ति जुुटाने के आरोप लगे थे। इस मामले की शिकायत के बाद अप्रैल 2021 में शासन की संस्तुति पर पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान ने जांच शुरू कराई। करीब चार महीने तक इसकी पड़ताल सुस्त पड़ी रही। अब इस माह से अचानक विजिलेंस जांच में तेजी आ गई है। विजिलेंस टीम झांसी समेत आसपास के जिलों में पूर्व विधायक की संपत्ति का ब्योरा खंगालने में जुटी है। उसके रडार पर पूर्व विधायक की कुल 43 संपत्तियां हैं। झांसी में ही पूर्व विधायक की 27 संपत्तियां जांच के दायरे में बताई जा रही हैं।

अधिकारियों के मुताबिक जांच के दायरे में पूर्व विधायक के फ्यूचर टैंक हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, बीडी बिल्डर एसोसिएट, मोना कंस्ट्रक्शन ग्रेनाइट, एसआर रेजीडेंसी प्राइवेट लिमिटेड, मून सिटी स्केप बिल्डर प्राइवेट लिमिटेड, रामदेवी प्राइवेट लिमिटेड, रामादेवी एजुकेशनल फाउंडेशन ट्रस्ट जरहा खुर्द मोंठ, डीएसएस रियल स्टेट प्राइवेट लिमिटेड जरहा खुर्द, टीकाराम यादव स्मृति महाविद्यालय मोंठ, टीकाराम विधि महाविद्यालय मोंठ, डॉ. राममनोहर लोहिया आईटीआई कॉलेज जरहा खुर्द, रामादेवी इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, डीएनए प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स मां पीतांबरा प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य अचल संपत्तियां शामिल की गई हैं। इनके अलावा विजिलेंस टीम नगर निगम, तहसील, जेडीए एवं ब्लॉक स्तर से अन्य जमीनों के कागजात एवं पूर्व विधायक की ओर से किए गए लेन-देन के रिकार्ड भी तलाश रही है। बैंकों से हुए लेनदेन की भी पड़ताल हो रही है। सतर्कता अधिष्ठान के पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार शर्मा ने नगर निगम, तहसील, जेडीए समेत अन्य से पूर्व विधायक की अर्जित संपत्ति का ब्यौरा देने को कहा है। पूर्व विधायक के खिलाफ विजिलेंस खुली जांच कर रही है। विजिलेंस की जांच दो तरीके से होती है। विजिलेंस की एक जांच बंद होती है। यह जांच अधिकांशता सरकारी कर्मचारियों की होती है। इसमें आरोपी को जांच के बारे में पता नहीं होता। विजिलेंस टीम विभाग के मुखिया की मदद से यह जांच पूरी करती है जबकि दूसरी जांच खुली होती है। इसमें आरोपी को भी इसके बारे में सूचना दी जाती है।

जांच अधिकारी के मुताबिक जांच में दीप नारायण को आरोपी मानते हुए भृष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 13 (1) बी और 13 (2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले में अब आगे की जांच यूपी विजिलेंस की कानपुर सेक्टर यूनिट करेगी।